“मोंय तो जाबों, प्रभु केर सोना-रुपा देश रे” एक सुंदर और आत्मिक मसीही आराधना गीत है, जो विश्वासियों के मन में स्वर्ग की आशा, प्रभु यीशु मसीह के प्रेम और अनन्त जीवन की लालसा को प्रकट करता है। यह गीत हमें याद दिलाता है कि इस संसार का जीवन अस्थायी है, जबकि प्रभु ने अपने विश्वासियों के लिए स्वर्ग में एक अनन्त और महिमामय स्थान तैयार किया है। गीत के प्रत्येक शब्द हमें पाप से दूर होकर प्रभु की शरण में आने, उनके प्रेम पर भरोसा रखने और उनकी महिमा का गुणगान करते हुए अनन्त जीवन की आशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
यह गीत विशेष रूप से आराधना सभा, पुनरुत्थान सभा, स्वर्ग आशा संदेश, आत्मिक सम्मेलन तथा मसीही सभाओं में गाया जाने वाला एक प्रेरणादायक भजन है, जो हर विश्वासी के हृदय में यह विश्वास जगाता है कि एक दिन हम भी अपने प्रभु के सोना-रुपा देश में सदैव उनके साथ निवास करेंगे।
मोंय तो जाबों, प्रभु केर सोना-रुपा देश रे
को. मोंय तो जाबों, प्रभु केर सोना-रुपा देश रे
एको दिना एको दिना,लला रे लला
एको दिना एको दिना कितना, सुहाना हेके अमराना-2
प्रभु तोरे महिमा लगिन मोंय गाबों तराना
1. दिल से अपन प्रभु में रहबों,मन में उके डेरा देबों-2
आवा पापी मोर ठीना कहेला,मोंय तो हुआँ शरण लेबो
कितना सुहाना हेके अमराना-2
प्रभु तोर महिमा लगिन,मोंय गबों तराना,मोंय तो जाबों-2
2. दुनियाँ में पापी तोंय गिनाले,प्राण अपन क्रूस में देले
उजियारा डहर तोंय दिखाले,स्वर्ग में उके जगह देले
कितना सुहाना……
